
उत्तर प्रदेश के बस्ती में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए एक दागी व्यक्ति की वीआईपी गैलरी तक एंट्री का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।फर्जी पास और वीआईपी एंट्री का खेलहर्रैया में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति गले में वीआईपी पास लटकाए सीएम के बेहद करीब देखा गया। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासन और बीजेपी संगठन की अधिकृत लिस्ट में उस व्यक्ति का नाम ही दर्ज नहीं था।आपराधिक पृष्ठभूमि वाले संदिग्ध पर सवालजांच में सामने आया कि वीआईपी गैलरी में घुसा यह व्यक्ति परसरामपुर थाना क्षेत्र का निवासी है और उस पर तीन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के साथ उसकी तस्वीर वायरल होने के बाद स्थानीय इंटेलिजेंस और सुरक्षा बलों के होश उड़ गए।प्रशासन और संगठन में मचा हड़कंपबीजेपी जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने साफ किया कि पार्टी स्तर से भेजी गई लिस्ट में किसी बाहरी या दागी व्यक्ति का नाम शामिल नहीं था। बिना आधिकारिक अनुमति और जांच के दागी व्यक्ति को वीआईपी पास कैसे मिला, अब यह स्थानीय पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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