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लखनऊ नगर आयुक्त का हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग में ‘हल्ला बोल’: गंदगी और अवैध गैराज देख भड़के अफसर, तत्काल सील करने के आदेश

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लखनऊ के दिल कहे जाने वाले हजरतगंज स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में अव्यवस्थाओं का अंबार देख प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने शनिवार को पार्किंग का औचक निरीक्षण किया, जहां की बदहाली और नियमों की अनदेखी देख वे दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान पार्किंग परिसर में न केवल भारी गंदगी मिली, बल्कि लिफ्ट और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बंद पाई गईं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा बेसमेंट में हुआ, जहां अवैध रूप से कार बाजार और गैराज का संचालन किया जा रहा था।

अवैध कब्जे पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: बेसमेंट सील करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पार्किंग के लिए निर्धारित बेसमेंट का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए अवैध कार बाजार और गैराज के रूप में किया जा रहा था। इसे ‘अत्यंत गंभीर विषय’ मानते हुए नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से इन अवैध संचालित स्थानों को सील करने और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को साफ लहजे में चेतावनी दी गई है कि सरकारी संपत्ति का निजी इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आमजन की सुविधाओं पर कड़ा रुख: ‘पैसे लिए हैं तो सुविधा दें’

नगर आयुक्त ने पार्किंग प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता से पार्किंग शुल्क वसूलने के बाद उन्हें मूलभूत सुविधाएं न देना बड़ी लापरवाही है। उन्होंने निम्नलिखित सुधारों के लिए सख्त समय-सीमा तय की है:

लिफ्ट और शौचालय: बंद पड़ी लिफ्टों को युद्धस्तर पर ठीक कराकर चालू करने और बंद शौचालयों को तुरंत खोलकर सफाई सुनिश्चित करने के आदेश।

साफ-सफाई: पूरे परिसर से गंदगी का अंबार हटाने और नियमित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश।

जनता की प्राथमिकता: नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शुल्क के अनुरूप बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

हजरतगंज: शहर की छवि का सवाल

निरीक्षण के दौरान यह बात जोर देकर कही गई कि हजरतगंज केवल एक बाजार नहीं, बल्कि लखनऊ की पहचान है। यहाँ देश-विदेश से पर्यटक और वीआईपी आते हैं। ऐसे प्रमुख क्षेत्र में पार्किंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधा का बदहाल होना शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में इस तरह की किसी भी लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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